मुठ्ठी में कुछ सपने लेकर - अमिताभ बच्चन
मुठ्ठी में कुछ सपने लेकर, भरकर जेबों में आशाएं
दिल में है अरमान यही, कुछ कर जाएं… कुछ कर जाएं
सूरज-सा तेज़ नहीं मुझमें, दीपक-सा जलता देखोगे
सूरज-सा तेज़ नहीं मुझमें, दीपक-सा जलता देखोगे
अपनी हद रौशन करने से, तुम मुझको कब तक रोकोगे…तुम मुझको कब तक रोकोगे
मैं उस माटी का वृक्ष नहीं जिसको नदियों ने सींचा है
मैं उस माटी का वृक्ष नहीं जिसको नदियों ने सींचा है
बंजर माटी में पलकर मैंने…मृत्यु से जीवन खींचा है
मैं पत्थर पर लिखी इबारत हूँ… मैं पत्थर पर लिखी इबारत हूँ
शीशे से कब तक तोड़ोगे
मिटने वाला मैं नाम नहीं… तुम मुझको कब तक रोकोगे… तुम मुझको कब तक रोकोगे
http://songslyricsmd.blogspot.com/2019/08/tum-mujhko-kab-tak-rokoge.html
इस जग में जितने ज़ुल्म नहीं, उतने सहने की ताकत है
इस जग में जितने ज़ुल्म नहीं, उतने सहने की ताकत है
तानों के भी शोर में रहकर सच कहने की आदत है
मैं सागर से भी गहरा हूँ..
मैं सागर से भी गहरा हूँ
तुम कितने कंकड़ फेंकोगे
चुन-चुन कर आगे बढूँगा मैं…
तुम कितने कंकड़ फेंकोगे
चुन-चुन कर आगे बढूँगा मैं…
तुम मुझको कब तक रोकोगे…तुम मुझको कब तक रोकोगे
झुक-झुककर सीधा खड़ा हुआ, अब फिर झुकने का शौक नहीं
झुक-झुककर सीधा खड़ा हुआ, अब फिर झुकने का शौक नहीं
अपने ही हाथों रचा स्वयं.. तुमसे मिटने का खौफ़ नहीं
तुम हालातों की भट्टी में… जब-जब भी मुझको झोंकोगे
तब तपकर सोना बनूंगा मैं… तुम मुझको कब तक रोकोगे…तुम मुझको कब तक रोक़ोगे
Lyrics by Amitabh Bacchan at KBC
झुक-झुककर सीधा खड़ा हुआ, अब फिर झुकने का शौक नहीं
झुक-झुककर सीधा खड़ा हुआ, अब फिर झुकने का शौक नहीं
अपने ही हाथों रचा स्वयं.. तुमसे मिटने का खौफ़ नहीं
तुम हालातों की भट्टी में… जब-जब भी मुझको झोंकोगे
तब तपकर सोना बनूंगा मैं… तुम मुझको कब तक रोकोगे…तुम मुझको कब तक रोक़ोगे
Lyrics by Amitabh Bacchan at KBC
" Tum Mujhko Kab Tak Rokoge Full Poem "

15 Comments
Bahut jgeh parha ise par ye confirm nhi hua ki ye kiski likhi hui kavita hai....plz bataiye....
ReplyDeleteये नरेन्द्र मोदी जी ने लिखी है
DeleteAmitabh Bacchan
DeleteSri Hari Rai Bachan ji
DeleteFather of Amitab Batchan ji.ne likha hai
This comment has been removed by the author.
DeleteVikas Bansal
ReplyDeleteVikas Bansal
ReplyDeleteHarivans rai bacchan me likha hai.
ReplyDeleteThis poen is written by our honourable PM MINSTER NARENDER MODI AND OUR LEGEND OF BOLLYWOOD INDUSTRY SHRI AMITAB BACCHAN GIVE HIS VOICE FOR REPRESENTING THIS WONDERFUL POEM 🙏🙏
ReplyDeleteHarivans rai bachchan ne likhi h
ReplyDeleteThe poem is written by RD Hailing
ReplyDeleteNice.
ReplyDeleteतुम मुझको कब तक रोकोगे
https://onlinehindiwhatsappstatus.blogspot.com/2021/02/tum-mujhe-kab-tak-rokoge.html
Written by R.D. Tailang.
ReplyDeleteVikas bansal
ReplyDeleteTanveer gaji
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